Ramayan hymns

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About this project

These are some of the hymns (bhanjan) /quatrain (chaupais) played in serial “Sampoorna Ramayan” by Ramananda Sagar’.

  • The hymns are available in high quality (320kbps) mp3 format
  • The hyms are also available in text form in devnagri script

Workflow and tools used for this project

  • Sampoorna Ramayan video episodes from youtube
  • Online youtube to mp3
  • mp3dc software for cuing, cutting and lossless extraction
  • online shree ramchritmanas for hymns reference
  • online english to hindi typing for completing hymns (when not avaialable online)

Ramayan Title Hymn

रामायण शीर्षक-भजन

सीता राम चरित अति पावन। मधुर सरस अरु अति मनभावन॥
पुनि पुनि कितनेहू सुने सुनाये। हिय की प्यास भुजत न भुजाये॥

Ramayan Praise

By Balmiki in sanskrit

वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में

यावत्स्थास्यन्ति गिरयः सरितश्च महीतले | 
तावद्रामायणकथा लोकेषु प्रचरिष्यति || 

By Tulsidas in avadhi

तुलसीदास द्वारा अवधी में

सारद सेस महेस बिधि आगम निगम पुरान।
नेति नेति कहि जासु गुन करहिं निरंतर गान॥
सब जानत प्रभु प्रभुता सोई। तदपि कहें बिनु रहा न कोई॥
सीता राम चरित अति पावन। मधुर सरस अरु अति मनभावन॥

By Ranganatha in telegu

रंगनाथ द्वारा तेलुगू में

By Krittibas in bengali

कृत्तिवास द्वारा बंगाली में

By ?? (in marathi language)


Shree Ram birth

श्री राम जन्म

नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥
मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥

Shree Ram birth celebrations in ayodhya

श्री राम जन्म का अयोध्या में उत्सव


Shree Ram childhood

श्री राम का बचपन

ठुमक चलत, चलत ठुमक...
ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां | ठुमक चलत रामचंद्र...

छोटी छोटी बईयां, तरत धरा पे । उठत चलत गिर जावे राम जी ।।
दूध कटोरा उठाए के मटके, दूध कटोरा उठाए के मटके । 
कागा को पिलाने जावे राम जी, कागा को पिलाने जावे राम जी ।।
पकड़ पिता की बईयां, बईयां, बईयां... 

ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां | ठुमक चलत रामचंद्र...

चांदी के हठी सोने के घोड़े, भरे हैं खिलौनो से घर के कोने ।
चाँद खिलौना मांगे रघुवर, चाँद खिलौना मांगे रघुवर ।।
भाये नहीं कोई और खिलोने | 
थाली में पानी भर चंदा उतारे, थाली में पानी भर चंदा उतारे |
छप छप खेलत राम सलोने | छप छप छप छप...
नज़र उतारते तीनो रनिया । तीनो रनिया, तीनो रनिया...

ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां | ठुमक चलत रामचंद्र...


Ahlilya’s salvation

अहल्या उद्धार

परसत पद पावन सोकनसावन प्रगट भई तपपुंज सही।
देखत रघुनायक जन सुखदायक सनमुख होइ कर जोरि रही॥

मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जन सुखदाई।
राजीव बिलोचन भव भय मोचन पाहि पाहि सरनहिं आई॥

मुनि श्राप जो दीन्हा अति भल कीन्हा परम अनुग्रह मैं माना।
देखेउँ भरि लोचन हरि भव मोचन इहइ लाभ संकर जाना॥ 

एहि भाँति सिधारी गौतम नारी बार बार हरि चरन परी।
जो अति मन भावा सो बरु पावा गै पति लोक अनंद भरी॥

Vishvamitra’s command

विश्वामित्रजी का श्री राम को धनुषभंग के लिए आदेश

बिस्वामित्र समय सुभ जानी। बोले अति सनेहमय बानी॥
उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा॥

सुनि गुरु बचन चरन सिरु नावा। हरषु बिषादु न कछु उर आवा॥

सहजहिं चले सकल जग स्वामी। मत्त मंजु बर कुंजर गामी॥

उदित उदयगिरि मंच पर रघुबर बालपतंग।
बिकसे संत सरोज सब हरषे लोचन भृंग॥

Shree Ram breaks the bow

श्री राम द्वारा धनुषभंग

राम बिलोके लोग सब चित्र लिखे से देखि।
चितई सीय कृपायतन जानी बिकल बिसेषि॥

तृषित बारि बिनु जो तनु त्यागा। मुएँ करइ का सुधा तड़ागा॥

का बरषा सब कृषी सुखानें। समय चुकें पुनि का पछितानें॥

अस जियँ जानि जानकी देखी। प्रभु पुलके लखि प्रीति बिसेषी॥

गुरहि प्रनामु मनहिं मन कीन्हा। अति लाघवँ उठाइ धनु लीन्हा॥